
यूँ तो
हर तरह की भूमिकाएँ
की हैं तुमने
मगर इतने दशकों बाद भी
तुम्हारी जो तस्वीर
अभी तक बूढ़ी नही हुई
और ज़िंदा है
हमारी याददाश्त मे
अपने चिर यौवन के साथ
वो तुम्हारे
होंठों के कोनो से
छलकती हुई
मुस्कान की है
तमाम रंग और तकनीकें
जो ईज़ाद हुए
तुम्हारे जाने के बाद
वो सब
पड़ जाते हैं फीके
तुम्हारी एक
भरपूर ब्लॅक एंड व्हाइट
मुस्कान के आगे